उपेक्षित नेता जी – वरिष्ठ पत्रकार अजय भट्टाचार्य

उपेक्षित नेताजी !
देशभक्ति की खुराक देते समय भारतीय जनता पार्टी नेताजी सुभाषचंद्र बोस, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे तमाम स्वतंत्रता सेनानियों का खुलकर प्रयोग करती है, लेकिन कल देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सरकार के साथ-साथ भाजपा कुनबे में भी कोई हलचल नहीं दिखी। प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) के अनुसार, संस्कृति मंत्रालय द्वारा 23 जनवरी को बोस की जयंती पर किसी भी मंत्रालय की ओर से कोई भी कार्यक्रम निर्धारित नहीं किया गया। अंदरूनी खबर यह है कि भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में व्यस्त होने के कारण नेताजी की जयंती को शानदार बनाने के लिए कोई बड़ा कार्यक्रम करने से दूर रही। पार्टी के इस रवैये से पश्चिम बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष व नेताजी सुभाष के पोते चंद्र कुमार बोस हैरान हैं। जबकि पिछले साल नेताजी की 122वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले में सुभाष चंद्र बोस संग्रहालय का उद्घाटन किया था और भी कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ था। दूसरी तरफ झारखंड की वर्तमान सरकार ने नेताजी की जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जिसे पिछली भाजपा सरकार ने 2015 में निरस्त कर दिया था।
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तुझे जाना है तो जा…
संशोधित नागरिकता कानून, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के मुद्दे पर जनता दल यूनाइटेड के भीतर मचा घमासान अब अंतिम अवसान की और है। पार्टी सुप्रीमो और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने इन मुद्दों पर पार्टी की सार्वजनिक किरकिरी करा रहे राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए गुरुवार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने तुझे जाना है तो जा तेरी मर्जी मेरा क्या की तर्ज पर कहा है कि पवन वर्मा को जहां जाना है जाएं, उनके साथ मेरी शुभकामनाएं हैं। पवन वर्मा आज कैसी बातें कर रहे हैं। कहते हैं कि उनके साथ अकेले में ऐसी बात करते थे। मैं भी बताऊं कि क्या बात करते थे? किसी के मन मे कुछ है तो बात करना चाहिए या तो मिलकर या पार्टी में अपनी बातें रखें। जाहिर है नीतीश ने वर्मा के साथ-साथ पार्टी उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को भी संकेत दे दिया है कि कुछ बोलने से पहले सोचें। इधर प्रदेशाध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने वर्मा पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि वर्मा का पार्टी को खड़ा करने में कोई योगदान नहीं है। पार्टी के लिए पवन वर्मा ने ऐसा कोई भी काम नहीं किया जिसकी चर्चा भी की जा सके। अब वर्मा और पीके को लेकर पार्टी की बड़ी कार्रवाई होने का इंतजार करिए।
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तबला यादव
सुनील यादव को नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने भाजपा ने टिकट क्या दी यदुवंशियों का गुस्सा फूट पड़ा है। न केवल भाजपा बल्कि कांग्रेस भी यादव समाज के निशाने पर है। सोशल मीडिया पर चल रहे यादवी विमर्श में सवाल उठाया जा रहा है कि भाजपा और कांग्रेस ने यादवों को क्या तबला समज रखा है, जिसे जब चाहा तब जहां मन चाहा वहां बजाने के लिए रख देती है? यहाँ बजाने का मतलब हारने से है। यदुवंशियों का तर्क है कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों में भाजपा ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सामने दिनेश लाल यादव ‘निरहुवा’ को बजाया। तो मध्य प्रदेश विधान सभा चुनावों में कांग्रेस ने शिवराजसिंह के सामने अरुण यादव को बजाया। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सामने भाजपा ने बजाने के लिए सुनील यादव को रख दिया। मूल शब्द ‘बजा’ में प्रत्यय ‘ना’ मिलाकर बजाना शब्द बनता है। इसके समानार्थी शब्दों में हारना या हराना शब्द नहीं आते। मगर नये भारत में बजाना का मतलब बदल चुका है।
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गजब बधाई !
उत्तर प्रदेश के महोबा के चरखारी नगर के कजियाना मुहल्ले में रहने वाले हाफिज सुल्तान की ख़ुशी (?) का अंदाज लगाना मुश्किल है। उन्हें संयुक्त सचिव एवं मिशन निदेशक (सबके लिए आवास) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अमृत अभिजात ने पक्का मकान बनाने की बधाई भेजी है। साथ ही साथ उनसे पीएमएवाई (यू) एप डाउनलोड करके नये घर की तस्वीर भेजने का आग्रह किया गया है। फच्चर यह है कि दिव्यांग सुल्तान ने प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन किया था, मगर आज तक उसके आवास की जिला प्रशासन ने स्वीकृति प्रदान नहीं की है। अब अचानक पीएमएवाई कार्यालय से बधाई संदेश हाफिज सुल्तान के घर पहुंच गया, जिसे देखकर हाफिज कह रहे हैं कि कुदरत ने पहले ही हमारे साथ मजाक किया था, बाकी काम शासन की जन कल्याणकारी योजना ने पूरी कर दी। इसी तरह चरखारी बजरिया में रहने वाले दूसरे लाभार्थी राजेश कुमार ने बताया ने 2017 में प्रधानमंत्री आवास के लिए आवेदन के दस्तावेज सबंधित कार्यालय में जमा किए थे। 50 हजार रुपये की पहली किश्त के बाद दूसरी किश्त का इंतजार अभी तक खत्म नहीं हुआ है। प्रशासनिक अधिकारियों से तमाम शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

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