वलसाड। वलसाड के पास एक गाँव की मीना पटेल (बदला हुआ नाम) की एक अविवाहित लड़की जिसके पिता उसे बार-बार “घर से बाहर निकलो” और “मरो” कहकर डांटते थे। लड़की ने अभयम 181 महिला हेल्पलाइन वलसाड को मदद के लिए बुलाया। अभयम की टीम तुरंत उसके पास आई और सहायता की। अभयम की टीम ने पिता को मना लिया और दोनों में सुलह कर दी।
अभयम टीम के अनुसार, मीना पटेल (बदला हुआ नाम) अविवाहित है और अपने पिता के साथ रहती है जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और वर्तमान में खेती के व्यवसाय में लगे हुए हैं। जीवन की भागदौड़ और काम के अधिक बोझ के कारण उनके पिता छोटी-छोटी बातों पर चिढ़ जाते हैं। इसलिए काम व अन्य बड़े-छोटे मुद्दों को लेकर पिता-पुत्री के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता रहता था। उसके पिता अक्सर मीना को ‘घर से बाहर निकलो’, ‘तुम किसी काम के नहीं’ और ‘मर जाओ’ कहकर डांटते थे। इन झगड़ों से तंग आकर मीना ने आखिरकार 181 अभय की मदद ली। 181 की टीम ने दोनों पक्षों को सुना और मामला को सुलझाया । अभय टीम ने पिता को समझाया कि अपने वयस्क बच्चों के साथ तीखे बचन व अपशब्द कहने या कठोर होने से अपना व्यवहार नहीं बदल सकते हैं। अनुनय-विनय के बाद पिता और बेटी के बीच एक सुखद समझौता हुआ, यह आश्वासन देते हुए कि पिता स्वयं दुर्व्यवहार नहीं करेगा या सख्त रवैया नहीं दिखाएगा।
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