कृष्ण कुमार मिश्र ,

कंपनी का दावा , दृढ़ संकल्प के साथ मौत का सामना करें 1500 लोगों ने की है ‘एडवांस बुकिंग।

बच्चों के बिना बुजुर्ग दंपती, विदेश में अपने बच्चों के कारण अकेले रहने वाले बुजुर्ग माता-पिता, बिस्तर पर पड़े व्यक्ति इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उनकी मृत्यु के बाद उनका क्रिया कर्म कैसे और कौन करेगा ??
मुंबई के संजय रामगुडे ने इस चिंता में एक व्यावसायिक अवसर देखा। इसके लिए उन्होंने एक कंपनी की स्थापना की और ऐसे बेसहारा लोगों के अंतिम संस्कार का ठेका लेने लगे। अब तक वह पांच हजार लोगों का अंतिम संस्कार इसी तरह कर चुके हैं। उनका मानना ​​है कि इस चिंता मुक्त अंतिम संस्कार में सेवा के साथ ही 50 लाख का कारोबार हुआ है और बदलती जीवन शैली के कारण आने वाले वर्षों में यह 2,000 करोड़ तक पहुंच जाएगा।

मुंबई में रामगुडे का सुखांत फ्यूनरल मैनेजमेंट प्रा. लिमिटेड कंपनी की मुख्य शाखा है उनके पास करीब 20 कर्मचारी हैं। रामगुडे कई सालों से फिल्म उद्योग में एक निर्माता और निर्देशक के रूप में काम कर रहे हैं। 30 साल पहले जब वे एक फिल्म की शूटिंग के लिए वाराणसी गए तो वहां घाट पर चल रहे मरणोपरांत की रस्मों ने उनका ध्यान खींचा। इससे उन्हें एक कंपनी स्थापित करने का विचार आया। इसके बाद उन्होंने पोस्टमॉर्टम की सभी प्रक्रियाओं का अध्ययन करना शुरू किया और आठ साल पहले कंपनी शुरू की।

उनका दावा है कि पूरे देश में यही एक कंपनी है जो इस तरह का काम कर रही है। रिश्तेदार समझ कर भी भागदौड़ भरी जिंदगी में वहां नहीं जा सकते। मृत्यु के बाद के सभी कर्तव्यों को निभाने के लिए जानकार लोग उपलब्ध नहीं हैं। अगर आप रामगुडे की कंपनी में एडवांस में रजिस्ट्रेशन करवाते हैं तो मौत की सूचना मिलते ही एक घंटे के अंदर कंपनी की टीम वहां पहुंच जाती है और तिर्डी बनाने से लेकर श्मशान घाट में रजिस्ट्रेशन का काम शुरू कर देती है।

उनका कहना है कि जिनका अंतिम संस्कार उनके समाज के अनुसार किया जाता है। साथ ही उनकी टीम मृत्यु के बाद मोक्ष की प्रार्थना करती है। इस कंपनी के द्वारा मौत के बाद 1500 लोगों ने उनका अंतिम संस्कार ठीक से कराने के लिए एडवांस बुकिंग कराई। कोरोना काल में 260 लोगों का अंतिम संस्कार खुद रामगुड़े ने किया था।

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