अग्निशिखा का कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह सम्पन्न।

मुम्बई। अग्निशिखा मंच एक समाजिक व साहित्यक सस्था है ।जो विगत ३२ वर्षो से समाजिक व साहित्यिक कार्यक्रम करती आ रही है मंच की अध्यक्ष अलका पाण्डेय ने बताया की कोरोना काल से ऑनलाइन कार्यक्रम शुरु किये अब ऑनलाइन व ऑफ़लाइन दोनों ही कार्यक्रम करते है ,ऑनलाइन में देश विदेश के लोग एक मंच पर जुड़ जाते हैं इसलिये हिन्दी उत्सव ऑनलाइन १८/९ को मनाया गया व ऑफ़लाइन २४/९ को नवी मुम्बई शिकारा होटल में मनाने जा रहे है । ऑनलाइन हिंदी दिवस मनाने का यह आयोजन किया गया ,हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में ,हिन्दी के रंग में डूबा कवि सम्मेलन में हिंदी के प्रति कवियों के विविध रंग देखने को मिले माँ शारदे की स्तुति के साथ शुभारंभ हुआ ।मंच संचालन किया अलका पाण्डेय, और सुरेन्द्र हरड़ें ने समारोह अध्यक्ष- -राम रॉय मुख्य अतिथि – श्रीवल्लभ अंम्बर ,विशेष अतिथि आशा जाकड , संतोष साहू ,जनार्दन सिंह , शिवपूजन पाडेय , पी एल शर्मा स्वागत किया वैष्णो खत्री ने सभी कवियों ने शानदार कविताओं की प्रस्तुति दी सभी कवियों का सम्मान पत्र दे सम्मान किया गया काव्य पाठ वाले कवि थे। अलका पाण्डेय, , , देवी दीन अविनाशी , हेमा जैन , रानी अग्रवाल , डाoमीना कुमारी परिहार, नीरजा ठाकुर , वीना अचतानी जोधपुर , वैष्णो खत्री , ओम प्रकाश पाडेंय , शोभा रानी तिवारी , अनिता झा पुष्पा गुप्ता ,रविशंकर कोलते , बृज किशोरी त्रिपाठी, रागिनी मित्तल/, विजेन्द्र मोहन बोकारो/,, सुरेन्द्र हरड़ें, , कुमकुम वेद, डॉ अंजुल कंसल ,आशा नायदू , मीना त्रिपाठी, रामेश्वर प्रसाद गुप्ता , सरोज दुगड ,निहारिका झा , , सुनीता अग्रवाल ,, , डॉ महताब अहमद आज़ाद , आदि सभी कवियों का सम्मान पत्र देकर स्वागत किया गया ।अंत में अलका पाण्डेय ने सभी को धन्यवाद देते हुए कहा। हिंदी राष्ट्रभाषा बने ना बने पर हमें हमेशा हिंदी का ध्वज फहराना है,हिंदी को उसका सिंहासन दिलाना है ।

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