डीजीपी अनिल त्रिपाठी के असरदार दलीलों से हत्या करने वाले आरोपी की जमानत याचिका खारिज.
वापी में 6 लोगों द्वारा सलिया से हमला करने पर युवक की मौत हुई थी.
वापी के छीरी शांति नगर में रहने वाले 27 वर्षीय दिलीप शिवधन वनवासी के घर के पास मार्च 2020 में साहित और साबीर दोनों झगड़ा कर रहे थे. उस समय दोनों दिलीप की बाइक की तोड़-फोड़ किए तो दिलीप व उनका भाई विजय ने दोनों को मारा था. उसके बाद 1 मई के दिन दिलीप अपने मित्रों के साथ दमण घूमने के लिए गए हुए थे. उसके बाद मित्र उमेश व राहुल के साथ वापस वापी आते वक्त गीता नगर रेलवे स्टेशन के पास आरोपी कलीम उर्फ हकलो, बंटी उर्फ शशिकांत मिश्रा, गोलू, कादीर मंसूरी व रितिक अमरेंद्र प्रसाद बाइक के ऊपर वहां पहुंचने पर दिलीप अपने मित्रों के साथ मोपेड से भागने लगे. जिसका पीछा करते हुए जे-टाइप रोड के ऊपर वणांक के पास तमाम आरोपियों ने उन्हें पकड़ लिया और दिलीप के हाथ और पैर में सलिया से मार-मारकर लहूलुहान कर दिया. लहूलुहान की हालत में चला के सीएससी व उसके बाद वलसाड के सिविल हास्पिटल में एडमिट किया गया. परंतु दूसरे दिन दिलीप की मौत हो गई. इस केस में आरोपी रितिक प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया गया. उसके बाद चार्जशीट फाइल करने के बाद आरोपी जेल से मुक्त होने के लिए वापी के कोर्ट में जामीन याचिका दाखिल की थी. इस जामीन याचिका पर सुनवाई के दौरान डीजीपी अनिल त्रिपाठी के असरदार दलीलों को स्वीकार करते हुए एडिशनल सेंशन जज के. जे. मोदी ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दिया.
प्रतिमात्मक तस्वीर
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