प्रदूषण की समस्या का समाधान करने वाले वलसाड की सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज को राष्ट्रीय अवार्ड के साथ 1 लाख रुपये का पुरस्कार मिला.
 पर्यावरण में से कार्बन को पकड़ने और तुरंत ऑक्सीजन छोड़ने के लिए एक स्वचालित फोटो बायो रिएक्टर का निर्माण किया.
 स्मार्ट इंडिया हेकाथॉन- 2022 में देश में से आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम सहित प्रतिष्ठित संस्थानों ने भाग लिया.
 वलसाड. वलसाड की गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज ने बैंगलोर में आयोजित स्मार्ट इंडिया हेकाथॉन-2022 में भाग लिया और राजस्थान सरकार की प्रदूषण समस्या को हल करने के लिए एक स्वचालित फोटो बायो रिएक्टर विकसित किया. जिसके लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा एक अवार्ड और 1 लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया. भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, इनोवेशन सेल व आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन द्वारा राष्ट्रीय स्तर की स्मार्ट इंडिया हेकाथॉन-2022 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.  हैकाथॉन के तहत देश भर से विभिन्न औद्योगिक इकाइयों, राष्ट्रीय और राज्य मंत्रालयों, सरकारी संस्थानों और कई अन्य क्षेत्रों से उत्पन्न 550 से अधिक समस्याओं का समाधान किया गया. इस प्रतियोगिता में देश भर से IIT, NIT, IIM सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्रों ने उपरोक्त प्रश्नों के सटीक और स्थायी समाधान के लिए अपने संस्थानों के माध्यम से पंजीकरण कराया था. संस्थान के रसायन विभाग में अध्ययनरत गोसाई स्मितपुरी की टीम का चयन एसआईएच-2022 की चयन समिति ने आमने-सामने के राउंड में किया. उसके बाद यह टीम दिनांक 25-08-2022 दिनांक से 29-08-2022 के दौरान बैंगलोर में आयोजित हार्डवेयर श्रेणी में SIH-2022 की मेजबानी करने वाले रीवा विश्वविद्यालय में अंतिम दौर में अपने कामकाजी मॉडल के साथ भाग लेने के लिए भेजा गया. जहाँ राजस्थान सरकार द्वारा SIH-2022 में प्रस्तुत की गई समस्या एक स्मार्ट सामग्री बनाकर समस्या का समाधान करना था जो पर्यावरण से कार्बन को पकड़ती है और तुरंत ऑक्सीजन छोड़ती है, इसे हल करने के लिए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, वलसाड के अंतिम वर्ष के छात्रों की एक टीम ने आर्थिक रूप किफायती ऐसा संपूर्ण रूप से आटोमेटिक फोटो बायो रिएक्टर बनाया, जो खास तरह के बैक्टीरिया कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं. इस बाबत सेंसर की मदद से यह भी दिखाया गया कि पर्यावरण से कार्बन कम हुआ है. जो इस समाधान के लिए टीम को राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड मिला. जबकि इस टीम द्वारा एक बहुत ही सटीक और अभिनव समाधान के साथ सामने आई है. जहां उनकी टीम ने 24×7 घंटे के दौर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और अंतिम जांच में जो तकनीकी दृष्टि से कई आयामों पर आयोजित की गई और विजेता बनी.
इस टीम में टीम लीडर गोसाई स्मितपुरी ने अपनी टीम के सदस्यों श्रुष्टि अग्रवाल, खुशाल इटालिया, हितेंद्र हेदव, युवराजसिंह गोहिल, अवनी वडेरा के साथ बहुत मेहनत की है और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन का नाम रोशन किया है. टीम की इस सफलता के लिए टीम मेंटर डॉ. संजय श्रीवास्तव (रसायन विभाग) द्वारा प्रदान किया गया मार्गदर्शन अमूल्य था. इस उपलब्धि को हासिल करने के लिए संस्थान के प्राचार्य डॉ. वी एस. डॉ. पुराढ़ी तथा रसायन विभाग के प्रमुख डॉ. एन. एम. पटेल, एसएसआईपी समिति, साथ ही पूरे संगठन ने टीम को सम्मानित किया. वहीं कॉलेज की इस उपलब्धि के लिए बैंगलोर की एक कंपनी ने छात्रों की टीम को इस तकनीक की मदद से एक स्टार्टअप बनाने की पेशकश की.
Print Friendly, PDF & Email

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.