कपराड़ा के वीरक्षेत्र को धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित कर सर्वांगीण विकास की नींव रखे सरकार… विजय गोयल

सुथारपाड़ा से कासदा से त्र्यंबकेश्वर तक मार्ग बनाकर तीर्थयात्रियों को लाभान्वित करने की मांग.
वलसाड. वलसाड जिले के धरमपुर और कपराड़ा के दुर्गम क्षेत्र को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए ताकि गुजरात और देश के पर्यटक यहां आ सकें और प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ियों, प्राकृतिक झरनों आदि का लाभ उठा सकें और आगंतुक मौज-मस्ती कर सकें और इसी के साथ पैसा प्राप्त हो सके जिससे इन क्षेत्रों और स्थानीय लोगों का समग्र विकास हो सके. विश्व हिंदू परिषद पूर्व संभाग मंत्री विजयकुमार गोयल ने राज्य सरकार के सामने ऐसी मांग रखी है.
अपनी मांग रखते हुए विजय गोयल ने कहा है कि कपराड़ा तालुका के भीतरी इलाकों के वीरक्षेत्र गांव में भगवान श्रीराम के समय के वीरेश्वर महादेव मंदिर और झील को देखकर ऐसा लगता है कि मंदिर और झील को विकसित और पर्यटन केंद्र के रूप में बनाया जाना चाहिए. यह क्षेत्र कितना समृद्ध होगा, जिससे पर्यटक आ सकें और वीरक्षेत्र और उसके आसपास का विकास स्वतः ही हो जाए. इसके साथ ही वलसाड से सुथारपाड़ा से नासिक और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए एक सड़क और दूसरा सुथारपाड़ा से कासदा से त्र्यंबकेश्वर तक एक और सड़क है जो अन्य सड़क से लगभग 60 से 65 किमी छोटी है. जिससे लोग जागरूक नहीं हैं या गुजरात की सीमा के भीतर अनुमानित 20 किमी इस मार्ग के बराबर नहीं है, इसलिए लोग इसका लाभ नहीं उठा सकते हैं. विजय गोयल ने राज्य सरकार से इन दोनों विषयों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में स्वीकार करने का अनुरोध किया है, यदि सुथारपाड़ा से कासदा तक की अनुमानित 20 किमी सड़क का नवीनीकरण किया जाता है तो इस सड़क पर यातायात फलफूल सकता है, और इस सड़क पर विभिन्न प्रकार के व्यवसाय भी विकसित हो सकते हैं. जबकि सरकार को इस क्षेत्र को विकसित करने की मंजूरी दी जानी चाहिए. और इस क्षेत्र के समग्र विकास की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. जबकि विजय गोयल द्वारा यह पत्र गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल, पर्यटन मंत्री पूर्णेशभाई मोदी, वित्त मंत्री कनुभाई देसाई और जिला प्रभारी व आपूर्ति मंत्री नरेशभाई पटेल को प्रस्तुत किया गया है. आगे के अध्ययन के लिए सूचना की प्रतियां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सी. आर. पाटिल, स्थानीय विधायक एवं मंत्री जीतूभाई चौधरी, वलसाड जिला विकास अधिकारी के साथ ही वलसाड के कार्यपालक अभियंता को भी भेजा गया है.
आदिवासी क्षेत्रों में दी जा रही है विभिन्न सेवाएं.
 वलसाड जिले के आदिवासी क्षेत्रों के विभिन्न गांवों में वनतलावडी तथा सत्संग केंद्र बनाने का कार्य और  शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लगातार समाज के सहयोग से ऐसे ही निवृत्त आचार्य श्री बी एन जोशी सतत कर रहे हैं और वे वनवासीकल्याण परिषद व विश्व हिंदू परिषद से भी जुड़े रहे हैं. हाल ही में उन्होंने कपराड़ा तालुका के वीरक्षेत्र में एक बंद पड़ी छात्रालय को सूरत की मानव सेवा संस्थान “छांयदो” के अध्यक्ष श्री भरतभाई शाह व रामजीभाई चांडक, सूरत माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष शंकरभाई सोमानी आदि के सहयोग से शुरू किया है. वहीं वलसाड की जेनिथ डॉक्टर हाऊस व पारडी की पारडी हास्पिटल के चेयरमैन डॉक्टर मुस्ताक कुरेशी आदि के साथ विजय गोयल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे.
Print Friendly, PDF & Email

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.