राबड़ा में माँ विश्वंभरी तीर्थ यात्रा धाम में जन्माष्टमी के उत्सव में दर्शनार्थियों की भीड़.
वलसाड जिले के राबड़ा गांव में एक अलौकिक और दिव्य तीर्थ विश्वंभरी तीर्थयात्रा धाम में जन्माष्टमी उत्सव के दौरान तीर्थयात्रियों की भीड़ देखी गई. हरे भरे प्राकृतिक सौन्दर्य के बीच मात्र 90 दिनों में निर्मित इस धाम का अनेक भक्तों ने विश्वविधाता माँ विश्वभरी के चैतन्य रूप को देख कर दिव्य अनुभूति का अनुभव किया.
आज दुनिया में बात करने वाले बहुत हैं लेकिन काम करने वाले बहुत कम हैं. भारत में माँ विश्वंभरी का साक्षात  दर्शन करने वाले श्री महापात्र ने आज बोलकर नहीं बल्कि अपनी मेहनत और आचरण से स्वर्ग सा धाम बना लिया है. ब्रम्हा-विष्णु-महेश को उत्पन्न करने वाली महाशक्ति माँ विश्वम्भरी का यह धाम है.
आज के वर्तमान समय में जब करोड़ों लोग धर्म और भक्ति का सही अर्थ जानने के लिए जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं माँ विश्वंभरी तीर्थयात्रा धाम के संस्थापक श्री महापात्र ने कई संघर्षों का सामना किया और सत्य, निष्ठा, निर्मल भक्ति व दिव्य आराधना के माध्यम से विश्वास व भक्ति का ऐसा संपूर्ण संगम बनाने के लिए अथक प्रयास किया. और लाखों भक्तों ने अपने अंधविश्वास को छोड़कर घर वापस आएं हैं और अपने घरों को मंदिर बना दिया है. आज वे सभी आदि-व्याधि-उपाधि से मुक्त होकर और माँ की विचारधारा के अनुसार जी रहे हैं.
यद्यपि श्री महापात्र परम साधना के शिखर पर पहुँच चुके हैं, फिर भी वे सभी से सहज ही मिलते हैं, सबकी पीड़ा-दर्द सुनते हैं और जीवन पथ में सही मार्ग पर उनका मार्गदर्शन करते हैं.
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