मुंबई : वरिष्ठ भाजपा नेता और मुंबई के पूर्व उप महापौर बाबूभाई भवानजी ने कहा है कि मोदी सरकार ने प्रत्यक्ष कर प्रणाली में जो सुधार किया है, उससे आर्थिक सुस्ती से बढ़ रही मुश्किलों से भारी राहत मिलने वाली है. भवानजी ने कहा कि हाल में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कार्पोरेट कर की दरों को तीस से घटाकर बीस फीसदी कर दिया. इसके साथ साथ ही भारत दुनिया में सबसे कम कारपोरेट कर वाले देशों की सूची में शामिल हो गया. कारपोरेट कर का मौजूदा वैश्विक औसत 23.03 फीसदी है. भारत में अब प्रभावी कारपोरेट कर 25.17 फीसदी होगा. यह पहले की प्रभावी दर की तुलना में करीब दस फीसदी कम है.उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने नई घोषणाओं के तहत विनिर्माण क्षेत्र में कदम रखने वाली कंपनियों को भी भारी राहत दी है. एक अक्टूबर 2019 से शुरू होने वाली कंपनियों को पंद्रह फीसद कारपोरेट कर ही देना होगा. इसी के साथ ही जो कंपनियां किसी तरह की छूट नहीं ले रही हैं, उन कंपनियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर चुकाने से भी राहत दे दी गई है. भवानजी ने आगे कहाकि भारत में कारपोरेट कर में की गयी कमी विकास और निवेश के मद्देनजर महत्वपूर्ण कदम है.

इस तरह के रेट कटौती से उत्पादों की कीमत भी कम होगी. प्रत्यक्ष कर का मतलब ऐसे कर से है, जो सीधा किसी कंपनी की आय, व्यक्ति की आय, संपत्ति और अन्य मदों पर लगाया जाता

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