मैंने धारा ३७० हटाने के समर्थन में कांग्रेस छोड़ा : कृपाशंकर सिंह

शुरू किया मुंबई के हिंदीभाषियों के बीच सघन जन-अभियान

मुंबई / “मैं चालीस साल कांग्रेस में रहा।  कार्यकर्ता, नेता, मंत्री सब रहा।  कांग्रेस को छोड़ना आसान नहीं था मेरे लिए। लेकिन जब कोई पार्टी देश और समाज का ही विरोध करने लगे, और कोई राय -बात सुनने को तैयार ही न हो, तो फिर उस पार्टी से अलग होने के सिवा क्या रास्ता बचता है? कोई पार्टी देश और समाज से बड़ी नहीं हो सकती। मैं समझता हूँ कि कांग्रेस द्वारा धारा ३७० हटाने का विरोध करना गलत है। इस बात को दिल्ली में सुनाने की बहुत कोशिश की।  लेकिन सुनी नहीं गयी। और सुनी जाये, इसकी कोई उम्मीद भी नहीं दीख रही थी। बालाकोट और उसके पहले से ही यही चला आ रहा था कि अपने कुछ हित बनते हों तो देश और समाज के हित भूल जाओ। इसलिए मुझे बहुत दुःख के साथ कांग्रेस से अलग होना पड़ा। मेरे लिए देश, राष्ट्र और समाज किसी निजी या दलगत हित से बड़ा है। ”

गड़वा घाट से जुड़े कांदीवली, मुंबई के संत मत आश्रम में हिंदीभाषियों की राजनीति के बिग बी कहे जानेवाले श्री कृपाशंकर सिंह ने जब जी टीवी द्वारा आयोजित एक चौपाल में यह बात कही तो उपस्थित जन समुदाय ने उन्हें जिस तरह का समर्थन दिया उसने २१ अक्टूबर को होनेवाले महाराष्ट्र के चुनाव में हिंदीभाषियों के बीच हो रहे ध्रुवीकरण का स्पष्ट संकेत दे दिया है। हिंदीभाषी मत पहले से ही भाजपा से प्रभावित हैं। संकेत हैं कि कांग्रेस के बचे-खुचे वोट भी कम होंगे। कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष श्री मिलिंद देवड़ा प्रधानमंत्री के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। एक और पूर्व अध्यक्ष श्री संजय निरुपम भी चुनाव प्रचार से बाहर रहेंगे। वे पार्टी छोड़ने की भी धमकी दे रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि श्रीमती सोनिया गांधी के समर्थक श्री राहुल गांधी के समर्थकों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। कोंग्रेस के पूर्व मंत्री श्री चंद्रकांत त्रिपाठी को टिकट नहीं मिला है। कांग्रेस के एक उम्मीदवार श्री असलम शेख भाजपा में जाना चाह रहे थे, टिकट नहीं मिला तो ही कांग्रेस से चुनाव लड़ रहे हैं। दो और बड़े नेता श्री रमेश सिंह और श्री राजहंस सिंह भी कांग्रेस छोड़ चुके हैं। श्री रमेश सिंह अब भाजपा प्रत्याशी हैं। स्थिति क्या है इसे श्री संजय निरुपम के कहे से ही समझा जा सकता है कि तीन-चार सीटें छोड़ कर  मुंबई की बाकी सभी सीटों पर कांग्रेस की जमानत भी जब्त हो जाएगी।  श्री कृपाशंकर सिंह के धारा ३७० हटाने के समर्थन में शुरू किये गये जन संपर्क अभियान ने राष्ट्रवाद का मुद्दा उठा कर कांग्रेस को और पीछे ठेल दिया है।  वे मुंबई, ठाणे और पालघर के कई चुनाव क्षेत्रों में धारा ३७० हटाने के समर्थन में जन सभाएं करने जा रहे हैं। उनका सवाल सीधा और चुटीला है-` धारा ३७० हटाना सही है या गलत?’ स्वाभाविक है कि अधिकांश आवाजें हाँ में आ रही हैं। वे पूछ रहे हैं- `बालाकोट में एयर स्ट्राइक हुई थी कि नहीं? हुई थी तो जो लोग सवाल उठा रहे थे वे माफी मांगेंगे?’  वे लोगों को याद दिला रहे हैं कि बांग्लादेश युद्ध हुआ तो अटल जी ने इंदिरा जी को देवी कहा।  राष्ट्र को ताकत इस सकारात्मक भाव से मिलती है, न कि इससे कि सेना और सेना प्रमुख को ही विवादों में घेर दो और पाकिस्तान की बोली बोलने लगो। जो लोग समूचे देश को साथ लेकर चलने की राजनीति नहीं कर रहे हैं, वे समाज को भी गहरा नुकसान पहुंचा रहे हैं।

श्री सिंह कह रहे हैं- ` वोट उसे दीजिये जो राष्ट्र के साथ हो। जो देश और समाज को मज़बूत करे।’ वे  अभी किसी पार्टी से नहीं जुड़े हैं, इसलिए किसी पार्टी के समर्थन में वोट नहीं मांग रहे लेकिन उनके इस अभियान का सीधा लाभ भाजपा-शिवसेना को पहुँचना है। इसलिए अचरज नहीं उनके इस अभियान में उनके साथ भाजपा के मालवनी से प्रत्याशी श्री रमेश सिंह ठाकुर और शिवसेना के मागाथाने से उम्मीदवार श्री प्रकाश सुर्वे भी शामिल हुए।  संत मत आश्रम में आज उनकी यह पहली सभा थी। श्री विजय यादव , अधिवक्ता श्री राजेंद्र प्रसाद पांडे  और श्री लक्ष्मीशंकर यादव ने सभा आयोजित की। उम्मीद है कि जैसे-जैसे सभाएं बढ़ती जाएंगी , हिंदीभाषी समाज के बीच कांग्रेस के लिए दुश्वारियां बढ़ती जाएंगी।

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By admin

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