कांग्रेस देश की आत्मा में बसने वाली पार्टी है- मधुसूदन पांडे

इतिहास साक्षी है जिसने भी वक्त के साथ कदम नहीं बढ़ाया वक्त ने उसे बेनूर बना दिया। गुलामी के दौर में देश में जनजागृति अभियान फैला कर देश को आजाद करानेवाली अखिल भारतीय कांग्रेसी पार्टी आज अपने वजूद के लिए तरस रही है ।एक दौर था जब पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण हर तरफ कांग्रेस पार्टी का ही परचम लहरा रहा था। आजादी के बाद कभी किसी ने नहीं सोचा था कि ऐसा भी बुरा दिन आएगा ,जब कांग्रेस एक- एक  कार्यकर्ताओं के लिए तरसेगी । कभी कांग्रेस पार्टी देश के हर गांव में हर परिवार में अपना स्थान बना चुकी थी। कांग्रेस और उसके आकाओं को लग रहा था कि उनके पार्टी देश में अनंत काल तक राज करेगी ।उनके गलत फैसलों , गलत नीतियों और विश्वासघाती नेताओं के कारण कांग्रेस पार्टी की दशा गिरती गई। सत्तालोलुप नेता दल बदल कर मलाई  चाट रहे हैं।आज दशा यह हो गई है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव मैदान में नेताओं के लिए तरस रही है ।ना कांग्रेस पार्टी के पास योग्य नेता है न ही पार्टी का कोई ढांचागत  संगठन बचा है । मात्र टेबल की राजनीति करने वाले दरबारी नेता केंद्रीय नेतृत्व के इर्द- गिर्द घूमकर पार्टी का बेड़ा गर्त कर रहे हैं। कभी  हिंदी भाषी क्षेत्रों उत्तर प्रदेश ,मध्य प्रदेश ,बिहार में कांग्रेस का परचम लहराया करता था ।लेकिन दुर्भाग्यवश आज उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्य में कांग्रेस का झंडा उठाने वाला कोई कार्यकर्ता नहीं बचा है। इस संदर्भ में  उत्तर प्रदेश कांग्रेस के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता मधुसूदन पांडे जी से विस्तृत चर्चा की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश……

* मधुसूदन पांडे जी आप पुराने कांग्रेसी कार्यकर्ता हैं । वर्तमान राजनीति के संदर्भ में कुछ बताइये।

-वर्तमान समय में राजनीतिक परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। राजनीति में संवेदनशीलता पूरी तरह खत्म हो गई है।

*उत्तर प्रदेश की राजनीति के बारे में बताइये।

-कांग्रेस के शासन के बाद प्रदेश की राजनीति का स्तर दिन पर दिन निम्नस्तर पर गिरता जा रहा  है।

*उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिवाद हावी है।

इस संदर्भ में क्या कहेंगे?

-सच बात है। सपा और बसपा की राजनीति ने

प्रदेश की राजनीति बुरी तरह दूषित कर दिया है।

*वर्तमान में भाजपा सरकार के बारे में क्या कहना चाहेंगे?

– वर्तमान की भाजपा सरकार पूरी तरह निकम्मी सरकार निकली। बिना किसी योजना के सरकार चल रही है। सपा और बसपा शासन काल से भी बुरी हालत प्रदेश की है।

* आये दिन प्रदेश में हत्या बलात्कार की घटनाएं

घट रही हैं ।

– (हंसते हुए ) जिस प्रदेश के मुखिया पर ही आपराधिक मामले दर्ज हो ,वहां शांति कैसे रह सकती है।

* प्रदेश में अपराध और राजनीति का चोली दामन का साथ बहुत पुराना रहा है। इस संदर्भ में क्या कहेंगे?

-प्रदेश का दुर्भाग्य है। प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब खत्म हो चुकी है। जहाँ से शांति का संदेश जाना चाहिए था ,आज वहां हिंसा का पाठ पढ़ाया जा रहा है।

* आप खुलकर योगी सरकार के बारे में कुछ

नहीं बोल रहे हैं । क्या बात है? कहीं राजनीतिक भय तो नहीं सता रहा है।

– (हंसते हुए) ऐसी बात नहीं है। डरने का काम तो भाजपा सरकार कर रही है। आनेवाला कल इन्हें कभी माफ नहीं करेगा। इस सरकार ने सामाजिक तानेबाने को छिन्न -भिन्न कर दिया है। हर कोई एक दूसरे को शक की नजर से देख रहा है।

* आनेवाला कल भी तो इन्ही का है।दूर- दूर तक इनके टक्कर में कोई नहीं दीख रहा है।

-(गंभीर मुद्रा में) ऐसी बात नहीं है। प्रदेश की जनता का सपा -बसपा से मोह भंग हो चुका है।

भाजपा से लोग नफरत करने लगे हैं। सब कांग्रेस की तरफ आशा भरी निगाह से देख रहे हैं

शीघ्र ही प्रदेश समेत पूरे देश में बदलाव होगा।

*कांग्रेस का तो उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में सांगठनिक ढांचा बिखर चुका है । फिर आप कैसे करेगें?

-कांग्रेस देश की आत्मा में बसनेवाली पार्टी है।

कांग्रेस एक राजनीतिक पार्टी ही नहीं बल्कि एक विचारधारा भी है। हर हिंदुस्तानी के मन मस्तिष्क में यह विचारधारा रची बसी है। जो वक्त आने पर फिर प्रफुल्लित होकर राष्ट्र के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी।

*कांग्रेस में भगदड़ क्यों मची है?

-कांग्रेस से दो तरह के लोग भाग रहे हैं।एक तो सत्ता के लालची दूसरे भ्रष्ट नेता अपनी सुरक्षा के लिए। बाकी सब वैसा ही है।

*एक अहम और राष्ट्रीय सवाल। कश्मीर के धारा 370 हटाये जाने के सन्दर्भ में क्या कहेंगे?

-कश्मीर विलय के समय राजा हरि सिंह कुछ शर्तों  के साथ विलय चाहते थे। उस समय की परिस्थिति वैसी थी। उनकी शर्त मानना मजबूरी थी। अगर भारत उनकी शर्तें न मानता तो वे कुछ दूसरा निर्णय भी ले सकते थे।  धारा 370 एक अस्थाई प्रावधान था। आज नहीं तो कल इसे हटना ही था। कुछ प्रावधान इंदिरा जी ने हटाया। कुछ मोदी जी ने हटाया। यह अच्छी बात है।

*अक्सर देश में चर्चा होती है कांग्रेस नेहरू-गांधी परिवार की छाया से कब अलग होगी?

-यह गैर कांग्रेसी दलों के मानसिक दिवालियापन की समस्या है। कांग्रेस ने कभी नहीं पूछा सपा में मुलायम सिंह जी के परिवार के अलावा दूसरा मुखिया क्यों नहीं बन पा रहा है। बसपा मायावती जी कब तक कमान संभालेगी। अहम सवाल भाजपा में आरएसएस कैडर के बाहर का व्यक्ति कब अध्यक्ष बनेगा।

लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए भाजपा अनाप सनाप मुद्दे उठाती है।

*अंत में चलते- चलते। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से क्या कहना चाहेंगे?

-सभी धैर्य रखें। हर रात के बाद सुबह आता है।

जल्दी ही कांग्रेस अपना अपना खोया हुआ गौरव पुनः प्राप्त करेगी। धन्यवाद।

प्रस्तुति: मिथिलेश वत्स

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